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19 Jan 2018

समीक्षा- आखिरकार विकास मिल गया



मोहनलाल मौर्य मोहनलाल मौर्य at Friday, January 19, 2018 No comments:
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Tags: समीक्षा
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मोहनलाल मौर्य
( युवा व्यंग्यकार) पिता का नाम- श्री चंदर लाल मौर्य ( सेवानिवृत्त व.अ.) जन्मतिथि- 25 नवम्बर 1988 शिक्षा-एम.ए,बीएड़,पत्रकारिता में स्नातक (बीजेएमसी) अभिरूचिः- व्यंग्य लेखन एवं फोटोग्राफी संप्रतिः-स्वतंत्र लेखक अमर उजाला,दैनिक जागरण,दैनिक भास्कर,नईदुनिया,हिन्दुस्तान,प्रभात खबर,दैनिक हरिभूमि,रविवार भारती(हरि‍भूमि),नवभारत टाइम्स,परिवार परिशिष्ट (राजस्थान पत्रि‍का) डेली न्यूज जयपुर,नवोदय टाइम्स,दैनिक जनवाणी,जनसंदेश टाईम्स,न्यूज टुडे,सुबह सवेरे,दैनिक ट्रि‍ब्यून,सच बेधड़क,प्रदेश की हलचल भोपाल,न्यूज फॉक्स,अट्टहास,विभोम स्वूर,अनवरत,लोकोदय,व्यं‍ग्योदय,ककसाड़ सहित देश के प्रमुख पत्र-पत्रि‍काओं व्यंग्य रचनाएं प्रकाशित। साझा व्यंग्य संग्रहः- नये नवेले,व्यंग्य प्रसंग,व्यंग्यकारों का बचपन में सम्मिलित । कृतिः- राजस्थान साहित्य अकादमी के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित व्यंग्य संग्रह चार लोग क्या कहेंगे ।
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